अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस की विशेष टीमों ने मामले के सभी आठों आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से आरोपियों के परिजनों और करीबियों में हड़कंप मच गया है। अयोध्या पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई का मकसद मामले से जुड़े अन्य वित्तीय कड़ियों और छिपे हुए साक्ष्यों को खोजना है।
बता दें कि 26 जून को अयोध्या पुलिस ने राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज कर सभी आठों आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था। अब तक की जांच में लगभग 80 लाख रुपए की भारी-भरकम बरामदगी हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस का शिकंजा और कस गया है।
ग्राउंड रिपोर्ट: बंद दरवाजों के पीछे तलाशी, परिजनों से तीखे सवाल
अयोध्या से ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के मुताबिक, आज सुबह होते ही पुलिस की गाड़ियों का काफिला अलग-अलग दिशाओं में रवाना हुआ। देखते ही देखते सभी आठों आरोपियों के घरों को पुलिस ने घेर लिया।
[यहां छापेमारी और पुलिस कार्रवाई की लाइव तस्वीरें/वीडियो एम्बेड करें]
मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों के अनुसार, पुलिस की टीमें घरों के भीतर एक-एक कोने की तलाशी ले रही हैं। बैंक खातों, जमीनी दस्तावेजों और लॉकरों की चाबियों को खंगाला जा रहा है। बंद कमरों में परिजनों से तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर इस पूरे खेल में और कौन-कौन शामिल था।
₹80 लाख बरामद, कड़ियों को जोड़ने में जुटी अयोध्या पुलिस
अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में अब तक ₹80 लाख की नगदी बरामद की जा चुकी है। पुलिस को अंदेशा है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में गबन की गई रकम का यह सिर्फ एक हिस्सा मात्र है।
पुलिस सूत्रों का कहना है: “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मंदिर के चढ़ावे की एक-एक पाई का हिसाब मिले। आज की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को जुटाना है, जिन्हें आरोपी छुपाने की कोशिश कर रहे थे।”
चढ़ावे पर ‘सियासी महाभारत’: योगी बनाम अखिलेश
इस मामले ने अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। राम मंदिर के नाम पर हुए इस घोटाले को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर चल रहे हैं।
“गोली चलवाने वाले धर्म की राजनीति न करें” — सीएम योगी
हाथरस में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा:
“जो लोग कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाते थे, आज वे किस मुंह से धर्म की राजनीति कर रहे हैं? हमारी सरकार भ्रष्टाचार और आस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी।”
“भाजपा के लिए नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट” — अखिलेश यादव
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लपकते हुए मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को घेरा है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए ट्वीट किया और बयानों में कहा:
“भाजपा के लिए हमेशा से ‘नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट’ रहा है। इन्होंने तो अपनी हरकतों से भगवान राम को भी नहीं छोड़ा। विकास के नाम पर केवल लूट मची है।”
पुलिस की इस चौतरफा छापेमारी के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस कोर्ट से आरोपियों की रिमांड मांगकर उन्हें आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। अयोध्या प्रशासन और ट्रस्ट अब मंदिर की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर नए कड़े नियम लागू करने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो।



