रांची: करम पूजा को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने सौंपा ज्ञापन
रांची में आगामी करम पूजा महोत्सव को धूमधाम और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने प्रशासन के समक्ष विभिन्न मांगें रखी हैं। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उपायुक्त कार्यालय में मुलाकात की और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
अखाड़ों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
केंद्रीय सरना समिति ने मांग की है कि करम पूजा के दौरान शहर के प्रत्येक अखाड़े में मिट्टी, मुरूम और डस्ट गिराया जाए, ताकि आयोजन स्थल को व्यवस्थित किया जा सके। इसके साथ ही सभी अखाड़ों में पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई है।समिति ने पूजा के दौरान प्रत्येक अखाड़े में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की भी मांग रखी है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मना सकें।
पूजा के दिन बड़े वाहनों और शराब पर रोक की मांग
ज्ञापन में करम पूजा के दिन रांची शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। समिति का कहना है कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग अखाड़ों और पूजा स्थलों पर पहुंचते हैं, ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।इसके अलावा समिति ने पूजा के दिन पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।

चर्च में करम डाल गाड़ने पर रोक की मांग
ज्ञापन में केंद्रीय सरना समिति ने चर्च परिसर में करम डाल गाड़ने पर रोक लगाने की मांग भी की है। समिति का कहना है कि करम पूजा आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है और चर्च में करम डाल गाड़े जाने से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।समिति ने प्रशासन से इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
फूलचंद तिर्की बोले- आदिवासी संस्कृति और परंपरा से जुड़ा है करम पर्व
केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि प्राकृतिक पर्व करम पूजा महोत्सव आदिवासियों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से आदिवासी समाज अपनी रूढ़िवादी परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़े मूल्यों को संरक्षित करने का काम करता है।उन्होंने दोहराया कि चर्च में करम डाल नहीं गाड़ने दिया जाना चाहिए, क्योंकि समिति के अनुसार इससे आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
उपायुक्त ने मांगों पर उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन
केंद्रीय सरना समिति के अनुसार, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई सभी मांगों पर गौर किया और उचित मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा, महासचिव संजय तिर्की, वरीय उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, विनय उरांव, सोहन कच्छप, पंचम तिर्की सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


