झारखंड में 1,576 प्रतिष्ठानों पर घरेलू LPG के इस्तेमाल का आरोप, कार्रवाई की मांग
रांची: झारखंड में होटल, ढाबों, कैफे, मैरिज हॉल, शादी लॉन और कैटरिंग किचन जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के कथित इस्तेमाल का मामला सामने आया है। ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने इस संबंध में राज्य के विभिन्न जिलों के 1,576 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर सरकार को सौंपने का दावा किया है। संस्था ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

फाउंडेशन के मुताबिक, उसके कार्यकर्ताओं ने झारखंड के विभिन्न शहरों और जिलों में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण किया। इसके आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और रांची जिला प्रशासन को भेजी गई है।

होटल, ढाबों और मैरिज हॉल में घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल पर चिंता
फाउंडेशन ने रांची, धनबाद, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, सरायकेला, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम समेत विभिन्न क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के कथित उपयोग पर चिंता जताई है। संस्था का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन हो सकता है और इससे आग लगने तथा अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। फाउंडेशन ने संबंधित विभागों से मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।
घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने मांग की है कि होटल, कैफे, ढाबों, मैरिज हॉल, शादी लॉन और कैटरिंग किचन में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के इस्तेमाल की जांच की जाए। संस्था के अनुसार, एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है। फाउंडेशन ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से उड़न दस्तों का गठन करने, औचक निरीक्षण और छापेमारी करने तथा दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर सुरक्षा संबंधी बोर्ड लगाने का सुझाव
संस्था ने यह भी सुझाव दिया है कि मैरिज हॉल, शादी लॉन और कैटरिंग किचन के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों के माध्यम से लोगों को बताया जाए कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का ही उपयोग किया जाना चाहिए।फाउंडेशन का मानना है कि इस तरह की सूचना से प्रतिष्ठान संचालकों में जागरूकता बढ़ेगी और गैस के सुरक्षित इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलेगा।
‘भाई आया रे गैस सिलेंडर’ गीत से सुरक्षा जागरूकता की पहल
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने ‘भाई आया रे गैस सिलेंडर’ नाम से एक विशेष सुरक्षा गीत तैयार किया है। संस्था के अनुसार, इस गीत का विमोचन 9 अप्रैल 2026 को पद्मश्री डॉ. विलास डांगरे ने किया था।फाउंडेशन ने प्रशासन से अपील की है कि सरकारी और निजी गैस वितरण वाहनों के साउंड सिस्टम के माध्यम से इस गीत को बजाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। संस्था का कहना है कि गीत के जरिए उपभोक्ताओं को सिलेंडर का वजन जांचने, सील की स्थिति देखने और गैस वितरण के दौरान जरूरी सुरक्षा सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर फाउंडेशन ने जताई चिंता
फाउंडेशन ने दावा किया है कि पहले भी इस मुद्दे पर संबंधित विभागों को पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक उसकी जानकारी में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। संस्था ने सरकार और जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कदम उठाने की मांग की है।फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन सोलंके के मुताबिक, संस्था के कार्यकर्ताओं ने 1,576 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूची संबंधित विभागों को सौंपी है। उन्होंने मांग की कि विभाग मामले की जांच कराएं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करें।
सरकार से तीन प्रमुख मांगें
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने सरकार और प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:
1. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के कथित अवैध इस्तेमाल की जांच और रोकथाम।
2. गैस वितरण वाहनों के माध्यम से सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘भाई आया रे गैस सिलेंडर’ गीत के प्रसारण पर विचार।
3. संबंधित विभागों की ओर से औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन और उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई।
फाउंडेशन के कार्यकारी संचालक शुभम रंगारी, संदीप गुप्ता और सुमित चव्हाण ने भी जनहित और उपभोक्ता सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार से इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
उपभोक्ता जागरूकता अभियान से जुड़ने की अपील
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने आम नागरिकों से उपभोक्ता अधिकारों, गैस सुरक्षा और जनहित से जुड़े अभियानों में भाग लेने की अपील की है। संस्था के अनुसार, नागरिक इसकी वेबसाइट के माध्यम से अभियान से जुड़कर जागरूकता गतिविधियों में सहभागी बन सकते हैं।


